Sunday 6th of December 2020 6:51 AM
बिहार में कहीं भी पलट सकते हैं नतीजे, 99 सीटों पर अंतर 2000 से कम बिहार चुनावः पूर्व सीएम राबड़ी देवी बोलीं- हर जगह महागठबंधन को मिल रही जीत, लोग दे रहे रिपोर्ट NEET Result 2020: नीट परीक्षा का र‍िजल्ट जारी NEET Result: रिजल्ट थोड़ी देर में EC ने UP और उत्तराखंड की 11 राज्यसभा सीटों पर चुनाव का किया ऐलान महाराष्ट्र: राज्यपाल के सवाल पर CM उद्धव बोले- मुझे आपसे हिंदुत्व पर सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं यूपीः पूर्व मंत्री आजम खान को राहत, इलाहाबाद हाईकोर्ट से 2 मामलों में मिली जमानत भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजादः पीड़ित परिवार को Y श्रेणी की सुरक्षा दी जाए भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ सपा का सत्याग्रह

बच्चों को बचपन में ये 5 सबक दें, आपका प्रिय कभी गलत संगत में नहीं पड़ेगा

आजकल, माँ और पिता दोनों के काम करने के कारण, बच्चों को कहीं न कहीं खुली छूट मिलती है। यहां तक ​​कि अगर घर में अन्य लोग हैं, तो उनकी देखभाल करने के लिए, कोई अन्य व्यक्ति उन चीजों को नहीं कर सकता है जो माता-पिता बता सकते हैं या समझा सकते हैं। बच्चों को बचपन में कही गई बातें याद रहती हैं।

 इसलिए जरूरी है कि उन्हें इस उम्र में ऐसे नियम और अनुशासन में बांधा जाए जिससे वह बड़े होकर गलत संगत में न पड़ें और आत्मनिर्भर बनें। बच्चों को अगर शुरू से ही छोटे-छोटे नियमों के पालन की आदत डालवाई जाए तो यह बड़े होकर उनके उज्जवल भविष्य का कारण बनते हैं। इसके लिए जरूरी है कि माता-पिता जब घर के नियम बनाएं तो बच्चों को पहले ही इस बात से अवगत करा दें कि उन्हें हर स्थिति में इन नियमों का पालन करना है।

गुस्से को करें कंट्रोल

अगर माता-पिता बच्चों को सिखाते हैं कि गुस्से को काबू में कैसे रखा जाए, तो उनका भविष्य बेहतर होगा। क्योंकि अगर ऐसा नहीं किया जाता है, तो बड़े होने के बाद भी बच्चे अपने गुस्से को काबू में नहीं रख पाते हैं। अगर घर के बुजुर्ग भी ऐसा करते हैं, तो उन्हें यह आदत बदलनी होगी।

बुरे शब्दों से दूरी

कई बार बच्चे दूसरों को देखते हुए या टीवी देखते हुए गाली देने लगते हैं। उसे लगता है कि इस तरह वह सभी का ध्यान आकर्षित कर सकता है। लेकिन माता-पिता को बच्चों को केवल तब बाधित करना चाहिए जब वे पहली बार उनके मुंह से कोई अपमानजनक शब्द सुनते हैं। बच्चों को समझाएं कि ऐसा करने से उनकी छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

गलत व्यवहार से बचें

जब बच्चे घर पर डांटते हैं, तो वे खाना नहीं खाने, चीजों को तोड़ने, गुस्से में दरवाजा बंद करने या छत पर बैठने जैसी चीजें करते हैं। बच्चों को बताएं कि ऐसा करना बड़ों का अपमान है। उन्हें समझाएं कि अगर घर के किसी सदस्य के साथ कोई समस्या है, तो उस पर खुलकर बात करें।

मदद करना सिखाएं

शुरू से ही बच्चों के अंदर सहायक प्रकृति की गुणवत्ता डालें। उन्हें बताएं कि किसी की मदद करने से कभी पीछे नहीं हटना चाहिए। माता-पिता को बच्चों को बताना चाहिए कि छोटे भाई-बहनों की देखभाल करना और उनकी मदद करना उनकी ज़िम्मेदारी है।

किसी पर निर्भर न हो

बच्चों को यह सिखाना भी ज़रूरी है कि उन्हें हमेशा अपने काम के लिए खुद पर निर्भर रहना चाहिए। बच्चों को खाने के बाद उनकी प्लेटों को धोने से लेकर उनकी बेडशीट साफ करने तक सब कुछ सिखाया जाना चाहिए। यह आदत हमेशा बच्चों के अंदर होती है।

भारतीय किसान यूनियन ने की घोषणा - कल प्रधानमंत्री का पुतला फूंका जाएगा, 8 दिसंबर को भारत बंद
June 9, 2020
CBSE ने एग्जाम को लेकर सारी अटकलें खारिज कीं, लिखित ही आयोजित होंगी 10वीं 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं
June 9, 2020
नोएडा में प्रभु की रसोई का मदद मॉडल
June 9, 2020
डेल्टा-टी क्लासेस की छात्रा ने नीट 2020 परीक्षा में लहराया परचम
June 9, 2020
शायर मुनव्वर राणा ने भाजपा को घेरा, कहा - सबसे पहले, भाजपा नेताओं को एंटी लव जिहाद अधिनियम के तहत कार्रवाई करनी चाहिए
June 9, 2020
ब्लॉक मुस्करा में समाजवादियों ने नेता जी का केक काटकर मनाया जन्मदिन
June 9, 2020
महबूबा-उमर का शाह को जवाब, पूछा- चुनाव लड़ना एंटी नेशनल कैसे?
June 9, 2020
केजरीवाल ने कहा, मार्केट एरिया में लॉकडाउन लगाने का हक मिले, दिल्ली की शादियों में होगी भीड़ कम
June 9, 2020
नॉएडा : समाजवादी पार्टी नेता गौरव चौधरी का स्वागत किया गया
June 9, 2020
अर्नब गोस्वामी गिरफ्तार : इंटीरियर डिजाइनर को कथित रूप से आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तार
June 9, 2020
नोएडा में कमल शर्मा हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, प्यार का विरोध बना मौत की वजह
June 9, 2020
आज से अडानी ग्रुप को 50 साल के लखनऊ एयरपोर्ट, निजी हाथों में होगा लखनऊ एयरपोर्ट
June 9, 2020